पांच संदिग्ध बैंक खातों में पहुंची थी अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी गई रकम, पुलिस ने दर्ज किए पांच मुकदमे
लक्सर। क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। साइबर ठगों द्वारा विभिन्न राज्यों के लोगों से ठगी गई 26.50 लाख रुपये की रकम लक्सर की पांच बैंक शाखाओं में संचालित खातों में पहुंची और बाद में रकम निकाल लिए जाने का खुलासा हुआ है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पांच संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित करते हुए अलग-अलग पांच मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों की निगरानी एवं कार्रवाई के लिए बनाए गए समन्वय पोर्टल पर लक्सर क्षेत्र में संचालित पांच संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि इन खातों में अलग-अलग राज्यों के लोगों से साइबर ठगी कर हासिल की गई 26.50 लाख रुपये की रकम जमा हुई थी। इसके बाद लक्सर में ही इन बैंक खातों से रकम निकाली गई।
बताया गया कि पांचों बैंक खाते लक्सर स्थित एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखाओं में खुले हुए हैं। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने मामले में पांच अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
अब पुलिस खाताधारकों की भूमिका की जांच करने के साथ ही बैंक खातों में अब तक हुए पूरे लेनदेन का ब्योरा जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन खातों का इस्तेमाल ‘म्यूल अकाउंट’ यानी साइबर ठगी की रकम को प्राप्त करने और आगे भेजने के लिए तो नहीं किया जा रहा था।
कमीशन के लालच में खातों के इस्तेमाल की आशंका
साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे बैंक खातों का लक्सर में संचालन सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि संबंधित खाताधारक साइबर अपराधियों के संपर्क में थे या उनके बैंक खातों का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना किया गया। पूर्व में भी क्षेत्र में साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों में इधर-उधर करने और निकालने के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई थी।
सीओ देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामले में पांच मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। बैंक खातों और उनमें हुए लेनदेन की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
