लक्सर। लक्सर क्षेत्र में पिछले चार माह से अधिक समय से कथित तौर पर खून की तस्करी का खेल चल रहा था। बिजनौर के सपा नेता मदनलाल सैनी के बेटे दुष्यंत सैनी पर अंतरराज्यीय गिरोह का संचालन करने का आरोप है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह ने क्षेत्र में चार से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित कर 100 से ज्यादा यूनिट रक्त एकत्र किया। आरोप है कि इस रक्त को जरूरतमंदों को आठ से दस हजार रुपये प्रति यूनिट तक में बेचा जाता था।

लक्सर कोतवाली पुलिस ने रविवार को कथित अंतरराज्यीय खून तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना दुष्यंत सैनी समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 27 यूनिट रक्त, रक्तदान शिविर में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दो कारें बरामद की थीं।

रक्तदान शिविर के नाम पर जुटाते थे रक्त

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपित लक्सर क्षेत्र में रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त एकत्र करते थे। ये शिविर करीब चार माह पहले खुले ब्लड सेंटर के नाम पर आयोजित किए जा रहे थे। नियमानुसार शिविर में एकत्र रक्त को लक्सर स्थित केंद्र में ही रखा जाना था, लेकिन आरोप है कि गिरोह के सदस्य रक्त को बिजनौर और मुरादाबाद ले जाकर बेचते थे।

बताया गया कि बिजनौर में रक्त की मांग अधिक होने के कारण वहां रक्त को महंगे दामों पर खपाया जाता था। पुलिस के अनुसार, शिविरों के आयोजन में सहयोग करने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए दुष्यंत ने लक्सर क्षेत्र निवासी अनित और शुभम को अपने साथ जोड़ा था। वहीं, मुरादाबाद निवासी कवेंद्र और संभल निवासी दया सिंह भी उसके साथ काम कर रहे थे।

बिना अनुमति और चिकित्सक के लगाए जा रहे थे शिविर

पुलिस के अनुसार, गिरोह पिछले चार माह से अधिक समय से क्षेत्र में सक्रिय था और इस दौरान चार से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में न तो अनुमति ली जाती थी और न ही चिकित्सक की मौजूदगी रहती थी। यही वजह है कि पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है।

पुलिस को पिछले दिनों इस कथित काले कारोबार से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण इनपुट मिले थे। इसके बाद से खून के सौदागरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। रविवार को कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।

क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों के अलावा गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इस पूरे नेटवर्क के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

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