अवैध खनन के वाहनों की चेकिंग के दौरान खनन टीम पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप; वाहन में लगे कैमरे की वीडियो फुटेज बनी अहम आधार

लक्सर। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान खनन टीम के कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी सलमान अली को न्यायालय से राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुकरमपाल सिंह ने बताया कि नागार्जुन नगर, जनपद पलनाडू, आंध्र प्रदेश निवासी तेजा साईं राजू की ओर से लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तहरीर के अनुसार 13 जुलाई को वह अपनी टीम के कर्मचारियों के साथ एजेंसी के वाहन से अवैध खनन में लगे वाहनों की चेकिंग के लिए निकले थे।

इसी दौरान टीम ने अवैध खनन सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान आरोपितों ने खनन टीम के वाहन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आरोपितों ने तेजा साईं राजू और वाहन चालक दीप सिंह को वाहन से खींचकर उनके साथ लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से मारपीट की, जिससे दोनों घायल हो गए।

मामले में दीपक चौहान निवासी रायसी, सारुन उर्फ शारुन अली निवासी खेड़ी खुर्द समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि ग्राम कुड़ी हबीबपुर निवासी सलमान अली फरार चल रहा था।

वीडियो फुटेज में दिखाई दिया आरोपी

फरार आरोपी सलमान अली ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से खुद को निर्दोष बताते हुए न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ मौजूद साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष रखा।

अभियोजन की ओर से बताया गया कि घटना के दौरान वाहन में लगे कैमरे से हमले की वीडियो रिकॉर्ड हुई थी। अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष वीडियो फुटेज भी प्रस्तुत की, जिसमें आरोपी सलमान अली अन्य आरोपितों के साथ दिखाई देने की बात कही गई।

वीडियो फुटेज देखने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सलमान अली की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।

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