अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या, बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द और गले में खराश की शिकायत; जलभराव से डेंगू-मलेरिया का खतरा भी बढ़ा

लक्सर। बदलते मौसम का मिजाज इन दिनों लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। कभी बारिश तो कभी तेज धूप और उमस के चलते वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में लोग बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बना हुआ है।

पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बारिश के बाद निकल रही धूप और बढ़ती उमस के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्सर में प्रतिदिन करीब 200 से 250 मरीजों की ओपीडी हो रही है। इनमें बड़ी संख्या वायरल बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और गले के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की है। निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

चिकित्सकों के अनुसार, कई मरीजों में तीन से सात दिन तक बुखार रहने के साथ शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत सामने आ रही है। वहीं, जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या बढ़ने से मलेरिया और डेंगू को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

वायरल बुखार के प्रमुख लक्षण

शरीर का तापमान बढ़ना, बदन दर्द, थकान, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द, भूख में कमी, मितली और चक्कर आना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

मलेरिया के लक्षण

कंपकंपी के साथ तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, मांसपेशियों और शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त तथा बुखार का बार-बार उतरना और चढ़ना मलेरिया के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।

डेंगू के लक्षण

तेज बुखार और सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, थकान, अत्यधिक कमजोरी और त्वचा पर लाल चकत्ते डेंगू के संभावित लक्षण हैं।

बुखार होने पर जांच जरूरी

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सैयद रफी अहमद ने बताया कि बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और गले के संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बुखार होने पर रक्त की जांच कराना जरूरी है। इससे प्लेटलेट्स की स्थिति के साथ-साथ मलेरिया और डेंगू से संबंधित जानकारी समय रहते मिल सकती है, जिससे मरीज को उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने लोगों से अपील की कि आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी शिकायत होने पर योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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