लक्सर। नौ दिन से लापता युवक अंकित का शव गंगा नदी से बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को उसकी मोटरसाइकिल से बांधकर गंगा में डुबो दिया गया था, ताकि शव पानी के ऊपर न आ सके। पुलिस ने मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
खनन विवाद में हत्या का खुलासा
लक्सर कोतवाली क्षेत्र के सौंपरी गांव निवासी अंकुश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई अंकित दो अगस्त की रात करीब 11 बजे बाइक लेकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
पांच अगस्त को युवक का सुराग नहीं मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों ने रायसी पुलिस चौकी का घेराव कर हंगामा किया था। पुलिस लगातार युवक की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान अंकित के भाई ने गांव के सचिन, मेहकार सिंह, कुलवंत और अंकित उर्फ फौजी पर शक जताया।
पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने बताया कि अंकित भी खनन के कारोबार से जुड़ा था और वह उनकी खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मुखबरी कर उन्हें पकड़वा देता था। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा था।
आरोपितों के अनुसार, दो अगस्त की रात अंकित के खनन क्षेत्र में जाने के दौरान उन्होंने उसे रोक लिया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को मोटरसाइकिल से बांधकर गंगा में डुबो दिया।
आरोपितों की निशानदेही पर एसडीआरएफ की मदद से पुलिस ने मोटरसाइकिल से बंधे युवक के शव को गंगा से बरामद कर लिया। शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
विधायक भी मौके पर पहुंचे
युवक का शव बरामद होने की सूचना पर लक्सर के पूर्व विधायक संजय गुप्ता और वर्तमान विधायक मोहम्मद शहजाद भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
लक्सर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे खनन विवाद सामने आया है। मामले में चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी, वरिष्ठ उप निरीक्षक नितिन चौहान, उप निरीक्षक राजीव उनियाल, यशवीर सिंह नेगी, कांस्टेबल अरविंद, ध्वजवीर, हिमांशु चौधरी, मुकेश, अनूप पोखरियाल, सुरेश, महेंद्र सिंह चौहान और रविंद्र नागर।
