हादसों के बाद उपचार के लिए भटकते रहे लोग, एसडीएम को ज्ञापन देकर 24 घंटे चिकित्सा व्यवस्था की मांग
लक्सर। सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंश की समस्या अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। आए दिन वाहन की चपेट में आकर गोवंश घायल हो रहे हैं, लेकिन हादसे के बाद उन्हें समय पर उपचार नहीं मिलने से उनकी हालत बिगड़ रही है और कई की मौत तक हो रही है। पशुओं के उपचार में सामने आ रही लापरवाही को लेकर समाजसेवी एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अश्वनी तवर तथा निर्धन निर्बल विधिक सहायता समिति के अध्यक्ष राजेश रस्तोगी ने एसडीएम को ज्ञापन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि 16 अगस्त की रात एक गोवंश वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अगले दिन 17 अगस्त की रात एक गाय भी हादसे का शिकार हो गई और उसका अगला पैर टूट गया। घायल गाय काफी देर तक सड़क पर तड़पती रही। उसकी मदद के लिए संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद समय पर सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि घायल पशुओं की सहायता के लिए 1962 टोल फ्री हेल्पलाइन की व्यवस्था है, लेकिन जरूरत के समय इसका लाभ नहीं मिल पाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आवारा गोवंश को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, सड़कों पर निगरानी बढ़ाने तथा घायल पशुओं के लिए 24 घंटे तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि सड़कों पर घूम रहा गोवंश केवल पशु सुरक्षा का ही मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे वाहन चालकों और आम लोगों की जान को भी खतरा बना हुआ है। आवारा पशुओं के कारण क्षेत्र में कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने उपचार में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा हादसों की रोकथाम के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है।
