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चार माह से क्षेत्र में सक्रिय था गिरोह, 27 यूनिट खून और रक्तदान शिविर के उपकरण हुए थे बरामद

लक्सर। अंतरराज्यीय खून तस्करी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में जेल भेजे गए पांचों आरोपितों को शुक्रवार को न्यायालय से जमानत मिल गई। सभी आरोपित करीब पांच दिन से जेल में बंद थे। न्यायालय ने आरोपितों को पुलिस जांच में सहयोग करने तथा 40-40 हजार रुपये के बेल बॉन्ड दाखिल करने की शर्त पर जमानत दी।

गौरतलब है कि लक्सर कोतवाली पुलिस ने 16 अगस्त को अंतरराज्यीय खून तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बिजनौर निवासी सपा नेता के बेटे और कथित गिरोह के सरगना दुष्यंत समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 27 यूनिट खून, रक्तदान शिविर में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दो कारें बरामद करने का दावा किया था।

पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि आरोपित लक्सर क्षेत्र में रक्तदान शिविर लगाकर खून एकत्रित करते थे और कथित तौर पर उसे बिजनौर में महंगे दामों पर बेचते थे। आरोपित करीब चार माह पूर्व लक्सर में खुले ब्लड सेंटर के नाम पर रक्तदान शिविर आयोजित कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, नियमानुसार रक्तदान शिविर में एकत्रित रक्त को लक्सर स्थित केंद्र पर ही रखा जाना था, लेकिन आरोपित उसे कथित रूप से बिजनौर और मुरादाबाद ले जाकर बेच रहे थे। शिविर के आयोजन और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के लिए दुष्यंत ने लक्सर क्षेत्र निवासी अनित और शुभम को अपने साथ जोड़ा था, जबकि मुरादाबाद निवासी कवेंद्र और संभल निवासी दया सिंह पहले से उसके संपर्क में बताए गए थे।

जेल में बंद आरोपितों की ओर से उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता नवेंदु कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपितों की ओर से लगाए गए रक्तदान शिविर की अनुमति भी न्यायालय में दाखिल की गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने पुलिस जांच में सहयोग करने और 40-40 हजार रुपये के बेल बॉन्ड दाखिल करने की शर्त पर सभी आरोपितों को जमानत दे दी।

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