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बोले—वोट के बदले श्राप या धमकी देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ, पहाड़-मैदान की राजनीति प्रदेश की एकता के लिए नुकसानदायक

लक्सर। पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा के पूर्व विधायक संजय गुप्ता के कथित बयान, “जिसने मुझे वोट नहीं दिया, उसके पेट में कीड़े पड़ेंगे और पेट फट जाएगा” पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों का घोर अपमान है।

रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता पूरी तरह स्वतंत्र है कि वह किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करे और किसे वोट न दे। ऐसे में अभद्र एवं भय पैदा करने वाली भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि वोट मांगना हर प्रत्याशी का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन वोट न देने पर जनता को श्राप या धमकी देना लोकतंत्र की भावना का अपमान है।

उन्होंने भाजपा नेता अजय वर्मा के कथित बयान, “रविंद्र आनंद पहाड़ से चुनाव लड़ें” पर भी निशाना साधा। आनंद ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी भाजपा की संकीर्ण और क्षेत्रवादी सोच को उजागर करती है। उत्तराखंड एक है और पहाड़ तथा मैदान के नाम पर प्रदेश को बांटकर राजनीति करना राज्य की एकता और भाईचारे के लिए नुकसानदायक है।

उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि यदि पहाड़ से आने वाला व्यक्ति हरिद्वार से चुनाव नहीं लड़ सकता तो वर्तमान सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, जो पहाड़ से आते हैं, उन्हें हरिद्वार से लोकसभा चुनाव क्यों लड़ाया गया। उन्होंने पूर्व सांसद रमेश पोखरियाल निशंक का भी उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी पहाड़ से आते हैं और हरिद्वार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं के लिए पहाड़ से मैदान तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं है तो दूसरों पर इस तरह की टिप्पणी क्यों की जा रही है।

रविंद्र सिंह आनंद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लक्सर से चुनाव लड़ने का खुला न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को विश्वास है कि लक्सर की जनता उसके साथ है और सरकार ने क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर काम किया है, तो मुख्यमंत्री स्वयं लक्सर से चुनाव लड़कर जनता के बीच जाएं और अपना जनसमर्थन साबित करें।

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