हरिद्वार। नवरात्रि पर्व शुरू होने से पहले बाजारों में कुट्टू के आटे की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। कुट्टू के आटे से खाद्य विषाक्तता की पूर्व घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में सोमवार को खाद्य कारोबारियों के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, गढ़वाल मंडल राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे के निर्माण, भंडारण, पैकेजिंग और बिक्री को लेकर खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कारोबारियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं की सेहत पर भारी नहीं पड़नी चाहिए।
खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए कि कुट्टू का आटा केवल पैक्ड रूप में ही बेचा जाए और खुले आटे की बिक्री पूरी तरह से बंद रखी जाए। इसके साथ ही प्रत्येक कारोबारी को खरीदे और बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों के बिल एवं बीजक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बाजार में केवल मानकों के अनुरूप और शुद्ध कुट्टू का आटा ही उपलब्ध कराया जाए। एक्सपायर्ड या संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री पर पूरी तरह रोक रखने को कहा गया। कारोबारियों को खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को आगाह किया कि नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की मांग बढ़ने के कारण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। विभाग की ओर से बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने और नियमों के अनुपालन को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यशाला में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा, दिलीप कुमार जैन, योगेंद्र पांडे सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। व्यापार मंडल की ओर से सुरेंद्र अनेजा, सुनील अरोड़ा, विपिन कुमार गुप्ता, विक्की तनेजा, सुमित अग्रवाल और दीपक गोयल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
